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नीमच। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 परिसर में प्रस्तावित CM RISE/सांदीपनि विद्यालय के निर्माण के संबंध में खेल मैदान बचाओ समिति द्वारा दायर जनहित याचिका पर माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 21 सितंबर 2026 को अंतिम आदेश पारित करते हुए याचिका का निराकरण कर दिया गया।
समिति ने प्रतिक्रया व्यक्त करते हुए कहा कि समिती माननीय न्यायालय के निर्णय का सम्मान करती है। न्यायालय ने चयनित स्थल के संबंध में प्रशासनिक निर्णय में हस्तक्षेप का आधार नहीं पाया तथा अधिकारियों को स्वीकृत योजना के अनुसार निर्माण आगे बढ़ाने की अनुमति दी है।
हालांकि, समिति का कहना है कि आदेश में दर्ज एक महत्वपूर्ण तथ्य अब प्रशासन के समक्ष विशेष रूप से स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।
हाईकोर्ट के आदेश में लगभग 7 एकड़ खुले क्षेत्र का उल्लेख
माननीय न्यायालय के आदेश के पैरा 12 में State के reply एवं Site Plan का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि नए सांदीपनि (CM RISE) विद्यालय अधोसंरचना के पूर्ण होने के बाद पुराने विद्यालय भवन को हटाया जाएगा तथा प्राप्त भूमि को खुले क्षेत्र में शामिल किया जाएगा। इसके बाद माननीय न्यायालय द्वारा पैरा 13 में निर्माण के पश्चात लगभग 7 एकड़ खुला क्षेत्र परिसर में शेष रहने तथा उसके खेलकूद एवं सार्वजनिक गतिविधियों के लिए उपयोग किए जा सकने का उल्लेख है। समिति का प्रशासन से अब सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है की State के reply और Site Plan में लगभग 7 एकड़ खुले क्षेत्र का यह आंकड़ा प्रशासन द्वारा किस गणना के आधार पर प्रस्तुत किया गया था?
मौके की वास्तविक स्थिति को लेकर समिति ने जताई आशंका
खेल मैदान बचाओ समिति ने कहा है कि मौके की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह आशंका है कि प्रस्तावित सांदीपनि/CM RISE विद्यालय का निर्माण पूरा होने के बाद उतना खुला क्षेत्र वास्तव में उपलब्ध न रहे, जितना State और अधिकारियों द्वारा अपने जवाब और Site Plan के आधार पर न्यायालय के समक्ष बताया है। समिति का कहना है कि प्रशासन स्पष्ट करे कि क्रमांक 2 परिसर में पहले से मौजूद भवनों एवं अन्य निर्माणों को भी जोड़ दिया जाए तो विद्यालय निर्माण के पश्चात 7 एकड़ जमीन किस तरह शेष रहेगी ? । विशेष रूप से समिति यह जानना चाहती है कि परिसर में पहले से मौजूद तीन छात्रावासों तथा अन्य मौजूदा निर्माणों को State के Site Plan और Area Statement में किस प्रकार दर्शाया गया है और लगभग 7 एकड़ खुले क्षेत्र की गणना करते समय उनका क्षेत्रफल किस प्रकार समायोजित किया गया।
समिति ने उठाया प्रशासन पर सवाल: 7 एकड़ की गणना किस आधार पर?
समिति का कहना है कि इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि अधिकारीयों द्वारा न्यायालय के समक्ष कोई तथ्य छिपाया गया हो । यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है की-
-यदि परिसर में पहले से तीन छात्रावास एवं अन्य निर्माण मौजूद हैं, तो स्कुल निर्माण के पश्चात लगभग 7 एकड़ खुला क्षेत्र रहने की गणना किस आधार पर की गई?
और यदि ये पूर्व निर्माण State के रिकॉर्ड एवं Site Plan में पहले से दर्ज थे, तो उनके क्षेत्रफल को कुल 17 एकड़ परिसर की गणना में किस प्रकार शामिल किया गया?
समिति का यह भी सवाल है कि यदि किसी पूर्व निर्माण (पीएम श्री) को हटाने के बाद मिलने वाली भूमि को खुले क्षेत्र में शामिल किया गया है, लेकिन उसी भूमि का कोई हिस्सा प्रस्तावित CM RISE भवन अथवा अन्य अधोसंरचना में उपयोग होना है, तो निर्माण पूर्ण होने के बाद उस भूमि को वास्तविक रूप से खुले क्षेत्र के रूप में कैसे उपलब्ध माना गया है।
क्या न्यायालय के समक्ष सभी पूर्व निर्माणों की स्थिति स्पष्ट रूप से रखी गई थी?
समिति ने यह भी मांग की है कि प्रशासन यह स्पष्ट करे कि विद्यालय परिसर में पहले से मौजूद छात्रावासों और अन्य निर्माणों की स्थिति State के जवाब एवं Site Plan में न्यायालय के समक्ष किस रूप में प्रस्तुत की गई थी। समिति के अनुसार, यह सवाल किसी व्यक्ति या अधिकारी पर आरोप लगाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेश में दर्ज सांदीपनि विद्यालय के निर्माण के बाद लगभग 7 एकड़ खुले क्षेत्र के सार्वजनिक उपयोग हेतु उपलब्ध रहने की वास्तविकता को स्पष्ट करने के लिए उठाया जा रहा है। यदि विभाग के पास 7 एकड़ खुले क्षेत्र की स्पष्ट गणना, Site Plan और Area Statement उपलब्ध है, तो प्रशासन को इसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए।
समिती ने की निर्माण से पहले संयुक्त सीमांकन और वीडियोग्राफी की मांग
खेल मैदान बचाओ समिति अब जिला प्रशासन से मांग करेगी कि निर्माण प्रारंभ होने से पहले पूरे 17 एकड़ परिसर का संयुक्त भौतिक सत्यापन कराया जाए-
-वर्तमान भवनों एवं तीन छात्रावासों सहित सभी मौजूदा निर्माणों का क्षेत्रफल दर्ज किया जाए
-प्रस्तावित CM RISE भवन एवं अन्य अधोसंरचना का वास्तविक निर्माण क्षेत्रफल स्पष्ट किया जाए
-लगभग 7 एकड़ खुले क्षेत्र का मौके पर सीमांकन किया जाए।
State द्वारा कोर्ट में दिए गए Site Plan एवं मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जाए।
-निर्माण प्रारंभ होने से पहले पूरे परिसर की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराई जाए तथा संयुक्त निरीक्षण का पंचनामा/मौका रिपोर्ट तैयार कर सरकारी रिकॉर्ड में सुरक्षित रखी जाए।
समिति का कहना है कि इससे यह तथ्य निर्माण शुरू होने से पहले ही रिकॉर्ड में आएगा कि 7 एकड़ का प्रस्तावित खुला क्षेत्र वास्तव में कौन-सा हिस्सा है और उसकी सीमाएं क्या हैं।
खेलकूद एवं सार्वजनिक गतिविधियों के लिए खुले क्षेत्र की व्यवस्था भी स्पष्ट हो
माननीय उच्च न्यायालय के आदेश में लगभग 7 एकड़ खुले क्षेत्र के खेलकूद एवं सार्वजनिक गतिविधियों में उपयोग का उल्लेख है। समिति का कहना है कि निर्माण के बाद इस क्षेत्र के उपयोग को लेकर भविष्य में विद्यालय प्रशासन और स्थानीय खिलाड़ियों के बीच विवाद न हो, इसके लिए प्रशासन को पहले से स्पष्ट एवं लिखित व्यवस्था करनी चाहिए।
समिति का अगला कदम
समिति ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा याचिका का निराकरण किये जाने के बाद अब उसका मुख्य उद्देश्य निर्माण रोकने के बजाय न्यायालय के आदेश में दर्ज लगभग 7 एकड़ खुले क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को निर्माण से पहले प्रशासनिक रिकॉर्ड में स्पष्ट कराना है। समिति का कहना है कि यदि कोर्ट में State के reply और Site Plan के अनुसार निर्माण के बाद लगभग 7 एकड़ खुला क्षेत्र उपलब्ध रहना है, तो प्रशासन को निर्माण शुरू होने से पहले मौके पर उसकी पहचान, सीमांकन और क्षेत्रफल स्पष्ट करना चाहिए।
खेल मैदान बचाओ समिति, नीमच का स्पष्ट मत है कि, “न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए अब सबसे आवश्यक कदम यही है कि आदेश में दर्ज लगभग 7 एकड़ खुले क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को मौके पर सत्यापित कर पारदर्शी रूप से रिकॉर्ड में सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में इस संबंध में किसी प्रकार का विवाद न रहे” ।
समिती ने शीघ्र ही कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और जिला शिक्षा अधिकारी एश्वर्या मुंदडा से मिलकर अपनी इन मांगो को लेकर मांगपत्र देने का निर्णय किया है ।
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नीमच। मुख्यमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक मध्य प्रदेश द्वारा मादक पदार्थ तस्करो एवं नशे के विरुद्ध चलाये जा रहे प्रदेश व्यापी विशेष अभियान के तहत श्रीमान पुलिस अधीक्षक जिला नीमच राजेश व्यास के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्रीमती हेमलता अग्रवाल एवं अअपु मनासा श्रीमती शाबेरा अंसारी के मार्गदर्शन, थाना प्रभारी कुकडेश्वर के नेतृत्व मे पुलिस टीम द्वारा ग्राम हनुमंतिया में खेत पर रखा कुल 175 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा सहित दो आरोपीयों को पकडने में सफलता प्राप्त की है।
दिनांक 26.09.2026 को विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर ग्राम हनुमंतिया स्थित बलवंत पिता रतनलाल रावत उम्र 48 साल निवासी ग्राम हनुमंतिया के खेत पर से आरोपी बलवंत रावत तथा उसके साथी हरिसिंह पिता बगदीराम रावत उम्र 45 साल निवासी ग्राम हनुमंतिया के संयुक्त कब्जे से कुल 175 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोड़ाचुरा को एनडीपीएस एक्ट के अज्ञापक प्रावधानों का पालन करते हुए जप्त कर उक्त आरोपीगणों को मौके से गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण में अनुसंधान जारी है ।
सराहनीय भूमिका:- उक्त कार्यवाही में पुलिस टीम थाना कुकड़ेश्वर का सराहनीय योगदान रहा।
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नीमच। चंबल नदी में कथित अवैध रेत खनन को लेकर विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। रेत खनन से जुड़े लोगों के बीच कथित तौर पर जमकर मारपीट और अपहरण की वारदात सामने आने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मामले में पीड़ित अंबालाल की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 से अधिक आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने कुंडला के सरपंच प्रतिनिधि मुकेश डांगी, मंगल डांगी सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज
मामले की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच करते हुए वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
अवैध रेत खनन को लेकर विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद का संबंध चंबल नदी में कथित अवैध रेत खनन से जुड़ा बताया जा रहा है। रेत खनन को लेकर हुए विवाद में मारपीट और अपहरण के आरोप सामने आए हैं। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में पुलिस जांच पूरी होने के बाद घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति और अन्य तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है।
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सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी के भाव चर्चा में हैं। उपलब्ध कराए गए भाव के अनुसार, सोने की कीमत 1,48,400 रुपये तथा चांदी की कीमत 2,24,400 रुपये दर्ज की गई है। कीमती धातुओं के इन भावों के बीच ग्राहकों और आभूषण कारोबारियों की नजर बाजार के रुख पर बनी हुई है।
सोना और चांदी भारतीय परिवारों में आभूषणों के साथ-साथ निवेश के लिए भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में इनके भाव में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर ग्राहकों की खरीदारी की योजना पर पड़ता है।
आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा कारोबारी से भाव की पुष्टि कर लें। सोने की शुद्धता, चांदी की गुणवत्ता, मेकिंग चार्ज और लागू करों के कारण अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।
सर्राफा भाव (उपलब्ध जानकारी के अनुसार)
सोना: ₹1,48,400
चांदी: ₹2,24,400
नोट: यहां सोने का भाव प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव प्रति किलोग्राम मानकर समाचार तैयार किया गया है। प्रकाशन से पहले इकाई, शुद्धता और स्थानीय बाजार के भाव की पुष्टि कर लें।
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नीमच। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, उदयपुर तथा अन्नपूर्णा सेवा न्यास, नीमच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। शिविर में नीमच एवं आसपास के क्षेत्रों से आए 200 से अधिक लोगों ने दंत संबंधी समस्याओं का विशेषज्ञ चिकित्सकों से परीक्षण एवं उपचार करवाया। शिविर में दांतों की जांच, दांतों की सफाई सहित विभिन्न दंत चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं।
अन्नपूर्णा सेवा न्यास द्वारा समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी शिविरों का आयोजन किया जाता है, जिसमें विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराकर जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास किया जाता है। इसी श्रृंखला में आयोजित इस दंत चिकित्सा शिविर का क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक लाभ लिया।
शिविर के दौरान पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, उदयपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं चिकित्सा टीम ने मरीजों की जांच कर आवश्यक परामर्श एवं उपचार प्रदान किया।
इस अवसर पर अन्नपूर्णा सेवा न्यास के अध्यक्ष श्री श्रीराम गोडबोले, सचिव श्री प्रकाश मंडवारिया, संयोजक श्री राकेश पप्पू जैन एवं कोषाध्यक्ष श्री पारस सागरावत सहित न्यास के सेवाभावी सदस्य अभिषेक कोठारी, उत्सव जोशी, अखिलेश जैन, वीरेंद्र जायसवाल, संजय गौहर, संजय रावत एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने उपस्थित रहकर शिविर की व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया तथा मरीजों की सेवा की।
न्यास पदाधिकारियों ने बताया कि अन्नपूर्णा सेवा न्यास का उद्देश्य सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना है। भविष्य में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से ऐसे स्वास्थ्य शिविर निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
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देशभर के लाखों बैंक ग्राहकों, व्यापारियों और आम जनता के लिए राहत भरी खबर है. 28 से 30 सितंबर तक आयोजित होने वाली तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल को फिलहाल टाल दिया गया है. रविवार देर रात इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई उच्चस्तरीय बातचीत के सकारात्मक परिणाम आने के बाद यूनियनों ने आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया.
इन प्रमुख मांगों को लेकर बुलाई गई थी हड़ताल:
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग कर्मचारियों के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से और सात प्रमुख यूनियनों का प्रतिनिधित्व करने वाले निकाय UFBU ने लंबे समय से लंबित अपनी मांगों को लेकर इस हड़ताल का आह्वान किया था.
यूनियनों की प्रमुख मांगें इस प्रकार थीं:
5-डे वर्किंग व्यवस्था: मार्च 2024 के द्विपक्षीय समझौते के तहत सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करना और इसकी भरपाई के लिए सप्ताह के बाकी दिनों में काम के समय को 40 मिनट बढ़ाना.
PLI योजना पर पुनर्विचार: परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना में हाल ही में किए गए बदलावों को वापस लेना.
पेंशन और भर्ती: पेंशन में संशोधन, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS) में स्विच करने का विकल्प देना और शाखाओं में बढ़ते कार्यभार को देखते हुए पर्याप्त नई भर्तियां करना
30 सितंबर की छमाही क्लोजिंग पर मंडरा रहा था संकट:
प्रस्तावित हड़ताल के कारण वित्तीय क्षेत्र में भारी अनिश्चितता का माहौल बन गया था, क्योंकि 30 सितंबर बैंकों के लिए महत्वपूर्ण छमाही क्लोजिंग का दिन होता है, चूंकि चौथा शनिवार पहले से ही बैंक अवकाश था, ऐसे में लगातार हड़ताल होने से चेक क्लीयरेंस, नकद लेनदेन और महीने के अंत में होने वाले कॉर्पोरेट सेटलमेंट बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका थी.
सरकार और आरबीआई की ओर से किए गए पूर्व उपाय:
हड़ताल के कारण संभावित असुविधा को देखते हुए वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक ने पहले ही कुछ एहतियाती कदम उठाए थे. सार्वजनिक क्षेत्र और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को रविवार, 27 सितंबर को सामान्य दिनों की तरह खुला रखने का निर्देश दिया गया था. केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए सितंबर महीने का वेतन और पेंशन समय से पहले जारी कर दिया गया था. सरकार ने बातचीत का रास्ता साफ करने के लिए विवादित PLI योजना के कार्यान्वयन को फिलहाल रोक दिया था.
बातचीत के बाद टला संकट:
रविवार रात IBA और बैंक यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच हुए समझौते के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया है. इससे महीने के अंत के इस महत्वपूर्ण समय में देशभर में शाखाओं का कामकाज, ऑनलाइन सेवाएं, एटीएम और बैंकिंग सेटलमेंट बिना किसी बाधा के सामान्य रूप से संचालित रहेंगे.
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भारत सरकार के दिशा-निर्देशानुसार आयकर विभाग, नीमच द्वारा ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के अंतर्गत गांधी वाटिका, नीमच में ‘जन-भागीदारी जागरूकता अभियान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर जिला आयकर अधिकारी श्री अशोक मीणा ने स्वच्छता के प्रति जन-सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आमजन से SWM 2026 नियमावली का पालन करने की अपील की। उन्होंने प्लास्टिक थैलियों के उपयोग से बचने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध किया।
श्री मीणा ने कचरे के उचित पृथक्करण की जानकारी देते हुए चार अलग-अलग कचरा पात्रों के उपयोग पर विशेष जोर दिया। इनमें गीले कचरे, सूखे कचरे, प्लास्टिक तथा ई-वेस्ट के लिए अलग-अलग पात्र निर्धारित करने और कचरे को उसी के अनुरूप डालने के लिए लोगों को जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि कचरे का स्रोत पर ही उचित पृथक्करण स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के दौरान आमजन से स्वच्छता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने, अपने आसपास का वातावरण स्वच्छ रखने तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन की आदत बनाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को कपड़े के बैग भी बांटे गए ।
इस कार्यक्रम में आयकर विभाग से श्री मनीष सर्वा, श्री हरीश मीना एवं श्री संतोष प्रजापति सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे एवं जनभागीदारी के रूप में मंडल अध्यक्ष श्री सुरेंद्र जी वाधवा, श्री शिव माहेश्वरी एवं श्री दिलीप चौधरी सहित वरिष्ठजन, मातृशक्ति एवं स्वच्छता अभियान से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने तथा अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों, सहयोगकर्ताओं एवं सहभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
**“न कचरा फैलाएंगे, न फैलाने देंगे;
स्वच्छता को अपनी आदत बनाएंगे।”**
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सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर जिला स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन शनिवार को दशहरा मैदान स्थित टाउन हॉल, नीमच में किया गया। जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए रंगों और चित्रों के माध्यम से विकसित, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध भारत की अपनी कल्पना को अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में जावद विधायक श्री ओमप्रकाश सकलेचा, नीमच विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार, मनासा विधायक श्री अनिरुद्ध माधव मारू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सज्जन सिंह चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाति चोपड़ा, जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना खंडेलवाल तथा जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
जावद विधायक श्री ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से ज्ञान अर्जित कर रही है तथा भारत के भविष्य को लेकर नए सपने देख रही है। इन विद्यार्थियों में देश के सपनों को साकार करने की पूरी क्षमता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने विचारों और सपनों को साझा करने तथा उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
नीमच विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत ’ जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं और विचारों को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करती हैं। विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्र विकसित भारत को लेकर उनकी सोच और रचनात्मकता को दर्शाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सहभागिता के लिए बधाई दी।
मनासा विधायक श्री अनिरुद्ध माधव मारू ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से नई पीढ़ी को विकसित भारत की संकल्पना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर एवं वैभवशाली राष्ट्र बनाने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक वंदे मातरम् गायन से हुआ। इसके बाद मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों का अवलोकन कर उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की।
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों सहित कुल 10 छात्र-छात्राओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री अरुण सोलंकी ने किया तथा आभार सहायक संचालक श्री एस.एम. मंगरिया ने व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती ऐश्वर्या मुंद्रा, श्री हेमंत हरित , शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
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सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत शनिवार को वार्ड क्रमांक-6, इंदिरा नगर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास का प्रभावी केंद्र बनाने के साथ ही समुदाय की सहभागिता को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा के साथ उनके समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं बच्चों के साथ-साथ गर्भवती एवं धात्री माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण की देखभाल में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
विधायक श्री परिहार ने कहा कि वर्ष 2047 के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की नींव आज की पीढ़ी से तैयार हो रही है। बच्चों के जीवन के प्रारंभिक वर्षों में उनके स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा बेटियों, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण तथा महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मातृशक्ति की सहभागिता बढ़ाने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ‘आंगन मिलन सेवा’ के अंतर्गत तीन दिनों तक जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक शिक्षा एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले स्वच्छता पखवाड़े की भी जानकारी दी।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव ने कहा कि राज्य शासन की मंशा है कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन के प्रथम छह वर्ष उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इस अवधि में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण के साथ बच्चों की देखभाल, पोषण आहार एवं प्रारंभिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार, नाश्ता एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है।
कार्यक्रम को नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाति चोपड़ा एवं जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना खंडेलवाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों एवं महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आठ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा चार लाड़ली बालिकाओं को अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसके पश्चात अतिथियों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में पार्षद श्री धारासिंह यादव, श्रीमती किरण शर्मा , श्री मनीष धाकड़ जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री राजेश गुप्ता सहित जनप्रतिनिधिगण, पार्षदगण,सीडीपीओ, सुपरवाइजर,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री राजेश गुप्ता ने आभार व्यक्त किया।
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जबलपुर । 13 वे राज्य स्तरीय विज्ञान मेले में ऊर्जा विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के स्टॉल को सरकारी क्षेत्र की श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल में 22 से 26 सितंबर 2026 तक आयोजित इस विज्ञान मेले में एनटीपीसी, भारत पेट्रोलियम की मध्यप्रदेश इकाई सहित विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने भी भाग लिया था।
-आधुनिक तकनीकों और मॉडलों का हुआ प्रदर्शन-
ट्रांसको स्टाल बना रहा आकर्षण का केंद्र-
ट्रांसमिशन प्रणाली से संबंधित विविध तकनीकी मॉडलों, आधुनिक संचार एवं निगरानी व्यवस्थाओं तथा जानकारीपरक प्रदर्शनों के कारण एमपी ट्रांसको का स्टॉल मेले के दौरान आगंतुकों और विद्यार्थियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा।
स्टॉल पर ट्रांसमिशन लाइनों के मॉडल के साथ गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन (जीआईएस), एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन (एआईएस), ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, ओपीजीडब्ल्यू संचार प्रणाली, एसएलडीसी एवं स्काडा डिस्प्ले, रिमोट वीडियो सर्विलांस व्यवस्था, आयसोलेटर के रिमोट संचालन, फॉल्ट लोकेटर, भूमिगत केबल प्रणाली, पाइल फाउंडेशन, स्कैफोल्डिंग तथा आपातकालीन बहाली प्रणाली (ईआरएस) के मॉडल प्रदर्शित किए गए। चालू ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस में उपयोग किए जाने वाले हॉट सूट मॉडल ने भी आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
-ईडी संदीप गायकवाड के मार्गदर्शन में मिली उपलब्धि--
एमपी ट्रांसको के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (प्लानिंग एवं डिजाइन) संदीप गायकवाड के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रदीप राघव एवं राजेश शांडिल्य के नेतृत्व में एम पी ट्रांसको की टीम ने मात्र 6 घंटे में स्टॉल की तैयारी कर यह उपलब्धि हासिल की।
इन अधिकारियो ने प्राप्त किया एम पी ट्रांसको की तरफ से पुरस्कार--
एमपी ट्रांसको की ओर से
अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रदीप सिंह राघव एवं
राजेश शांडिल्य,
अधीक्षण अभियंता सुधीर नेमा,कार्यपालन अभियंता अतुल नाबर, अवधेश चौबे,राजेश्वर सिंह ठाकुर, सहायक अभियंता आशीष जैन
ने पुरस्कार प्राप्त किया।
-प्रबंध संचालक ने दी बधाई--
एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने स्टॉल को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने इसे टीमवर्क, तकनीकी दक्षता और समर्पित प्रयासों का परिणाम बताते हुए सभी सदस्यों की सराहना की।
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नीमच। देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे व गिरफ्तारी, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा मतदाता सूची में किए गए संदेहास्पद बदलावों की स्वतंत्र एवं व्यापक समीक्षा की मांग को लेकर आगामी 30 सितम्बर, बुधवार को जिला मुख्यालय नीमच पर कांग्रेस द्वारा विशाल विरोध प्रदर्शन एवं कलेक्ट्रेट घेराव किया जाएगा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने जानकारी देते हुए बताया कि लोकतंत्र में निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया तथा मतदाता सूची की शुचिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में अनाधिकृत रूप से नए मतदाताओं को जोड़ने, नामों को हटाने तथा निर्वाचन आयोग की IT प्रणाली को दिल्ली में केंद्रीकृत किए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा लिए गए इन एकतरफा निर्णयों से निष्पक्ष चुनाव प्रणाली प्रभावित हुई है, जिसका सीधा लाभ सत्तारूढ़ भाजपा को मिल रहा है। इसी के विरोध में कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से देशव्यापी "वोट चोरी" अभियान के तहत अपनी आवाज बुलंद कर रही है। बाहेती ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो चुका है कि ज्ञानेश कुमार ने भाजपा को फायदा पहुंचाने एवं देश के लोकतंत्र को कुचलने का काम किया है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आयोजित इस आंदोलन के तहत 30 सितम्बर बुधवार को प्रातः 11:30 बजे जिले के समस्त कांग्रेसजन, जनप्रतिनिधि, प्रदेश, जिला व ब्लॉक पदाधिकारी, मंडलम व सेक्टर अध्यक्ष तथा सभी मोर्चा-संगठनों एवं प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता गांधी भवन नीमच में एकत्रित होंगे। इसके पश्चात गांधी भवन से एक विशाल रैली निकाली जाएगी जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचेगी। वहां कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया जाएगा तथा निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की पुनर्स्थापना हेतु महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रदर्शन के माध्यम से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनकी गिरफ्तारी की मांग की जाएगी। साथ ही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में किए गए अनधिकृत बदलावों की स्वतंत्र जांच कराने और आगामी सभी आम चुनावों को पूर्णतः पारदर्शी व विश्वसनीय बनाने की मांग उठाई जाएगी।
जिला कांग्रेस संगठन महासचिव बृजेश मित्तल ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था को मजबूत करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कांग्रेस पार्टी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने जिले के सभी वरिष्ठ नेताओं, पूर्व व वर्तमान जनप्रतिनिधियों, ब्लॉक,मंडलम अध्यक्षों, मोर्चा संगठनों एवं समस्त कार्यकर्ताओं व नागरिकों से 30 सितम्बर को प्रातः 11:30 बजे गांधी भवन पहुंचकर इस प्रदर्शन को सफल बनाने का आह्वान किया है।
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नीमच। 4 फरवरी 2024 की वह शाम नीमच के लिए किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं थी। शहर के व्यस्त मार्ग पर समाजसेवी एवं व्यवसायी अशोक अरोरा पर कथित रूप से जानलेवा हमला किया गया था। घटना के दौरान हुई जवाबी फायरिंग में हमलावरों में शामिल बाबू फकीर घायल हुआ, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास, हथियारों सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी।
इस बहुचर्चित गोलीकांड मामले में अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से आरोपी शाद उर्फ शाहिद मंसूरी की जमानत को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से मिली जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को पलट दिया है।
हाईकोर्ट की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने आरोपी को मिली जमानत पर हस्तक्षेप किया। पीड़ित पक्ष की ओर से दायर चुनौती के बाद सर्वोच्च अदालत ने मामले के रिकॉर्ड और आरोपों को ध्यान में रखते हुए जमानत आदेश को निरस्त कर दिया।
उपलब्ध विवरण के मुताबिक, अदालत ने इस मामले को सामान्य विवाद या मामूली आपराधिक घटना की तरह नहीं माना और आरोपी की भूमिका तथा मामले की गंभीरता को ध्यान में रखा।
14 दिन के भीतर करना होगा सरेंडर
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शाद उर्फ शाहिद को अब निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। आदेश के अनुसार उसे 14 दिन के भीतर सरेंडर करना है।
मामले में अभी ट्रायल की प्रक्रिया जारी है और गवाहों के बयान सहित न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ना बाकी है। ऐसे में सर्वोच्च अदालत के इस आदेश को मामले की आगामी कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2024 में हुई थी सनसनीखेज फायरिंग
पुलिस के अनुसार, 4 फरवरी 2024 को अशोक अरोरा अपनी कार से जा रहे थे। सिटी लाइट फर्नीचर के पास चौपड़ा चौराहे के क्षेत्र में एक कार ने उनकी कार का रास्ता रोका और कथित रूप से कई लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग के बाद एक हमलावर घायल हुआ, जिसकी बाद में मौत हो गई।
जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ हथियार, वाहन और कथित रूप से सुपारी की रकम भी बरामद करने का दावा किया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शाद उर्फ शाहिद भी गिरफ्तार आरोपियों में शामिल था।
अब आगे ट्रायल पर नजर
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब आरोपी के सरेंडर और उसके बाद ट्रायल कोर्ट में होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी। इस मामले में अंतिम दोषसिद्धि या बरी होने का निर्णय ट्रायल की पूरी न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।
अजेय योद्धा — नीमच की हर बड़ी खबर पर पैनी नजर।
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नीमच। एक ऐसी बस में सफर जिसका पहले ही एक्सीडेंट हो चुका हो, सामने की मुख्य विंडशील्ड टूटी हुई हो, एक दरवाजा रस्सी से बंधा हो और बस का एलाइनमेंट भी ठीक नहीं बताया जा रहा हो। इसके बावजूद वही बस करीब 690 किलोमीटर का सफर तय करते हुए 12 घंटे में नीमच से दिल्ली पहुंच जाए।
सवाल केवल बस की हालत का नहीं है।
सबसे बड़ा सवाल उस सिस्टम का है, जिसे इस स्थिति की सूचना समय रहते दे दी गई थी। क्या 40 यात्रियों की सुरक्षा केवल यात्रियों की जिम्मेदारी थी? क्या दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क पर दौड़ने से रोकना जिम्मेदार विभागों का दायित्व नहीं था और यदि सूचना मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, तो आखिर जिम्मेदारी किसकी है?
एक्सीडेंट के बाद भी यात्रियों को लेकर दौड़ी बस
जानकारी के अनुसार मंदसौर से दिल्ली जा रही अशोक ट्रेवल्स की बस गुरुवार रात करीब 8 बजे नीमच पहुंची। बस की स्थिति को लेकर यात्रियों में चिंता थी। आरोप है कि बस की मुख्य विंडशील्ड टूटी हुई थी, एक दरवाजा रस्सी से बांधा गया था और वाहन के एलाइनमेंट को लेकर भी समस्या थी। यात्रियों द्वारा दूसरी बस उपलब्ध कराने की मांग किए जाने की बात सामने आई है। लेकिन कथित तौर पर उनकी मांग पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई।
यहां से शुरू होती है उस पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली कहानी।
पत्रकारों ने सूचना दी… फिर भी तीन घंटे तक बस खड़ी रही
मौके पर पहुंचे पत्रकारो ने स्थिति को गंभीर मानते हुए यातायात थाना प्रभारी मलखान सिंह परमार को फोन पर जानकारी दी। थाना प्रभारी द्वारा जानकारी मिलने की बात स्वीकार किए जाने का भी उल्लेख सामने आया है। बताया गया कि पुलिस की ओर से मौके पर टीम भेजने की बात कही गई। इसके बावजूद आरोप है कि रात करीब 8:30 बजे से 11:30 बजे तक बस नीमच में खड़ी रही, लेकिन उसे रोकने अथवा यात्रियों को दूसरी सुरक्षित बस में भेजने जैसी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
तीन घंटे... किसी भी जिम्मेदार विभाग के लिए यह समय क्या कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त नहीं था?
RTO को लगातार फोन… लेकिन जवाब क्यों नहीं? मामले का दूसरा गंभीर पहलू परिवहन विभाग से जुड़ा है।
पत्रकारों के अनुसार जिला परिवहन अधिकारी को लगातार फोन किए गए, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। यह दावा भी जांच का विषय है कि उस समय परिवहन विभाग को बस की स्थिति की जानकारी थी या नहीं और यदि जानकारी मिली थी तो मौके पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
सवाल सीधा है—जब यात्रियों की सुरक्षा का मामला हो और वाहन की फिटनेस पर गंभीर सवाल सामने आएं, तब जिम्मेदार अधिकारी तक सूचना पहुंचने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
11:30 बजे रवाना हुई बस… और शुरू हुआ 690 किलोमीटर का जोखिम
आखिरकार रात करीब 11:30 बजे बस दिल्ली के लिए रवाना हो गई। यानी जिस बस की स्थिति को लेकर पत्रकारों और यात्रियों द्वारा चिंता जताई जा रही थी, वही बस करीब 40 यात्रियों को लेकर लगभग 690 किलोमीटर लंबे सफर पर निकल गई।
यह केवल एक बस के चलने का मामला नहीं है। यह सवाल है कि यात्री परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा मानकों की निगरानी वास्तव में कितनी प्रभावी है?
मोटर वाहन कानून के तहत परिवहन वाहन के लिए वैध फिटनेस प्रमाणपत्र और वाहन को कानून/नियमों के अनुरूप बनाए रखना परमिट की सामान्य शर्तों में शामिल है। फिटनेस प्रमाणपत्र रद्द करने का प्रावधान भी मौजूद है, यदि वाहन निर्धारित आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता।
इसलिए अब जांच में यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित बस के पास उस समय वैध फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेज थे या नहीं तथा वाहन वास्तव में निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा कर रहा था या नहीं।
थाना प्रभारी का बयान बढ़ाता है सवाल
यातायात थाना प्रभारी मलखान सिंह परमार द्वारा पत्रकार को फोन पर कथित रूप से यह बताया गया कि उन्हें बस के एक्सीडेंटल होने और मुख्य कांच टूटे होने की जानकारी दी गई थी।
यदि यह बयान सही है, तो अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यही है— सूचना थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या पुलिस टीम वास्तव में मौके पर भेजी गई थी?
यदि भेजी गई थी तो वह बस तक क्यों नहीं पहुंची?
क्या कंट्रोल रूम को सूचना दर्ज की गई थी?
क्या बस को रोकने अथवा परिवहन विभाग को तत्काल सूचित करने का प्रयास हुआ?
और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उसका कारण क्या था?
SP ने कहा—निष्पक्ष जांच होगी
मामले की जानकारी पत्रकारो द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास को दिए जाने की बात सामने आई है। बताया गया कि एसपी ने कहा कि बस की जर्जर स्थिति और टूटे कांच की जानकारी यातायात थाना प्रभारी को पहले से थी, यह तथ्य उनके संज्ञान में अब आया है और वे वरिष्ठ अधिकारी को निर्देशित कर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करवाएंगे। अब निगाहें इसी जांच पर हैं। क्योंकि मामला केवल एक बस का नहीं, बल्कि यह तय करने का है कि सूचना मिलने के बाद सरकारी तंत्र की जिम्मेदारी कहां से शुरू होती है और कहां खत्म।
अजेय योद्धा का सवाल
बस चालक की जिम्मेदारी है—लेकिन निगरानी किसकी?
बस संचालक की जिम्मेदारी है—लेकिन सड़क पर चलने योग्य वाहन की जांच किसकी?
यात्रियों की सुरक्षा जरूरी है—लेकिन सूचना मिलने के बाद कार्रवाई कौन करेगा?
और सबसे बड़ा सवाल—
अगर पत्रकारों की सूचना के बावजूद बस नहीं रोकी गई, तो फिर सड़क पर किसी वाहन को रोकने के लिए आखिर कितनी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जाएगा?
इस पूरे मामले में पुलिस, परिवहन विभाग और बस संचालक की भूमिका की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित बस का फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, चालक का लाइसेंस, वाहन की तकनीकी स्थिति और दुर्घटना के बाद उसकी सड़क पर चलने की अनुमति किस आधार पर थी।
अब सिर्फ कार्रवाई की घोषणा नहीं, कार्रवाई का जवाब चाहिए। पत्रकारों द्वारा नीमच कैंट थाने में शिकायत आवेदन देने की बात कही गई है। शिकायत में यातायात थाना प्रभारी, जिला परिवहन अधिकारी, अशोक ट्रेवल्स प्रबंधन तथा बस चालक-परिचालक की भूमिका की जांच और यात्रियों की जान को कथित रूप से खतरे में डालने के मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
अब देखना यह है कि शिकायत के बाद जांच किस दिशा में जाती है।
क्योंकि सवाल 40 यात्रियों का है।
सवाल 690 किलोमीटर के सफर का है।
सवाल उस सूचना का है, जो कार्रवाई से पहले ही जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंच चुकी थी।
और सवाल यह भी है—
“मौत का पहिया” सड़क पर दौड़ा तो दौड़ा… लेकिन उसे रोकने वाला सिस्टम उस रात कहां था?
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जिले के समस्त बैंकों के ग्राहकों एवं आम नागरिकों को सूचित किया जाता है कि दिनांक 28 से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित बैंक हड़ताल के दृष्टिगत ग्राहकों की सुविधा एवं बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रविवार, 27 सितंबर 2026 को सभी बैंक शाखाओं में नियमित बैंकिंग कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। अतः नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार 27 सितंबर को बैंक शाखाओं में पहुंचकर अपने आवश्यक बैंकिंग कार्य संपादित कर सकते हैं।
प्रस्तावित हड़ताल की अवधि के दौरान ग्राहक डिजिटल एवं वैकल्पिक बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। उपलब्ध डिजिटल बैंकिंग सेवाएं एवं अन्य वैकल्पिक माध्यम यथासंभव सुचारू रूप से संचालित रहेंगे।
जिले के नागरिकों से आग्रह है कि प्रस्तावित बैंक हड़ताल को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक बैंकिंग कार्यों की पूर्व में योजना बना लें तथा बैंकिंग सेवाओं से संबंधित जानकारी के लिए केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
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सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं द्वारा चित्रकला प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें स्वच्छता, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता तथा बदलते भारत की तस्वीर को चित्रों के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ‘बदलते भारत में स्वच्छता और स्वास्थ्य’ विषय पर नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया। छात्राओं ने नाटक के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक स्वच्छता में नागरिकों की भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता का संदेश दिया गया।
चित्रकला प्रदर्शनी और नुक्कड़ नाटक में महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं जनभागीदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
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श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय “मेरे सपनों का भारत” रहा।
प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने सपनों के भारत की परिकल्पना को विभिन्न आयामों के माध्यम से प्रस्तुत किया। छात्राओं ने विकसित, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण से जुड़े अपने विचार साझा करने के साथ ही इन सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक दिशा और प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रतिभा कालानी ने सेवा संकल्प अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक सहभागिता के लिए छात्राओं को बधाई दी।
प्रतियोगिता में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा नित्या पारीक ने प्रथम, बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा प्रीति नागदा ने द्वितीय तथा बीए प्रथम वर्ष की छात्रा खनक चौहान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. बीना चौधरी, प्रो. निशा जटिया एवं डॉ. अविनाश बिहरिया शामिल रहे। कार्यक्रम का समन्वय भाषण आयोजन समिति के डॉ. हीरसिंह राजपूत, डॉ. मेघा अग्रवाल एवं श्रीमती ज्योति पवार ने किया। अंत में डॉ. हीरसिंह राजपूत ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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नीमच। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में जिले में दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। वार्ड क्रमांक 08, भगवानपुरा निवासी श्रीमती दीपमाला यादव इसका प्रेरक उदाहरण हैं। 41 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी और आज ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।
आर्थिक कठिनाइयों के बीच परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए दीपमाला ने लंबे समय तक दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा और खाना बनाने का काम किया। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी। उनकी इच्छा थी कि वे अपना स्वयं का रोजगार शुरू करें, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ बच्चों के भविष्य को बेहतर बना सकें।
इसी दौरान जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की टीम के संपर्क में आने पर उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी मिली। टीम के मार्गदर्शन में उनका दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनवाया गया तथा पात्रता के अनुसार निःशक्त पेंशन शुरू कराने में भी सहयोग किया गया।
स्वरोजगार के लिए दीपमाला ने कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया। इसके बाद जिला प्रशासन, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा दिव्यांग संगठनों के समन्वय से दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए गए। इसी क्रम में सेवा पखवाड़े के अंतर्गत 27 सितंबर 2025 को सीएसआर मद से दीपमाला को ई-रिक्शा प्रदान किया गया।
ई-रिक्शा मिलने के बाद दीपमाला ने आत्मविश्वास के साथ अपना रोजगार शुरू किया। वे प्रतिदिन नीमच शहर में ई-रिक्शा चलाती हैं और करीब 500 रुपये प्रतिदिन की आय अर्जित कर रही हैं। वर्तमान में उनकी मासिक आय लगभग 15 हजार रुपये है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और बच्चों की शिक्षा सहित अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है।
दीपमाला कहती हैं कि शासन की योजनाओं, जिला प्रशासन और जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के सहयोग से मुझे आगे बढ़ने का अवसर मिला। ई-रिक्शा मिलने के बाद मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। अब मैं स्वयं काम करके अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रही हूं और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए मेहनत कर रही हूं।
दीपमाला यादव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं और आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला।
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नीमच। PMUMS कर्मचारी कल्याण कोष, मध्य प्रदेश द्वारा सेवाकाल के दौरान दिवंगत होने वाले शिक्षक साथियों के परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई मानवीय पहल आज प्रदेशभर में शिक्षक परिवारों के लिए सहारा बन रही है।
दिसंबर 2025 से पहले PMUMS में पंजीकृत पात्र दिवंगत शिक्षक साथियों के परिवारों के लिए शुरू हुए सहयोग अभियान के तहत सितंबर 2026 तक 25 दिवंगत शिक्षक साथियों के परिवारों को करीब ₹7 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
इसी कड़ी में सितंबर माह में नीमच जिले से दिवंगत हुए PMUMS के सक्रिय सदस्य स्वर्गीय श्री शंभू लाल रैगर जी, निवासी धारडी, सिंगोली, जिला नीमच के परिवार को भी ₹24 लाख 91 हजार से अधिक का सहयोग प्रदान किया गया।
“सहयोग के बदले सहयोग” की भावना से शुरू हुई पहल
नीमच जिले के PMUMS IT CELL प्रभारी श्री तिलक सिंह राजपूत ने बताया कि “सहयोग के बदले सहयोग” की भावना से PMUMS की यह मानवीय पहल शुरू हुई थी, जो आज पूरे मध्य प्रदेश में शिक्षक साथियों के बीच सहयोग और संवेदना की भावना को मजबूत कर रही है।
सेवाकाल के दौरान किसी शिक्षक साथी के दिवंगत होने की स्थिति में उनके परिवार को संबल प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेशभर के 1 लाख 20 हजार से अधिक पंजीकृत शिक्षक साथियों द्वारा अपनी क्षमता के अनुसार छोटा-छोटा सहयोग किया जाता है।
सितंबर माह में भी मात्र ₹34 के सहयोग की भावना के साथ प्रदेशभर के शिक्षक साथियों ने दिवंगत शिक्षक परिवारों के लिए सहयोग किया। इस माह 5 दिवंगत शिक्षक साथियों के परिवारों को लगभग ₹1 करोड़ 25 लाख के आसपास की सहायता प्राप्त हुई।
नीमच जिले की टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
नीमच जिले में इस अभियान को सफल बनाने में जिला प्रभारी श्री अशोक जी पिछोलिया, जिला महासचिव श्री ललित कुमार जी जिला संरक्षक श्री जम्मू कुमार जी जैन, जिला सचिव श्री विक्रम सिंह चौहान, नीमच ब्लॉक IT CELL प्रभारी श्री विजय कुमार भामावत, मनासा ब्लॉक IT CELL प्रभारी श्री राहुल कुमार चौधरी सहित सभी सक्रिय सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टीम द्वारा जिले के शिक्षक साथियों को PMUMS की इस मानवीय पहल से जोड़ने, सहयोग के लिए प्रेरित करने तथा तकनीकी समस्याओं के समाधान में सहायता प्रदान की गई।
PMUMS कर्मचारी कल्याण कोष की यह पहल शिक्षक समाज में एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने और जरूरत के समय परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की सामूहिक भावना का उदाहरण बन रही है।
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नीमच। शहर के वार्ड क्रमांक 1 अंतर्गत शिवनगर-रावण रूंडी क्षेत्र की विभिन्न गलियों में सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य का भूमि पूजन समारोह 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को प्रातः 9:00 बजे आयोजित किया जाएगा।
भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्री सुधीर गुप्ता एवं विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार उपस्थित रहेंगे। वहीं पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष श्री पवन पाटीदार, भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना खंडेलवाल तथा दीनदयाल मंडल नीमच के अध्यक्ष श्री दारा सिंह यादव भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद नीमच की अध्यक्ष श्रीमती स्वाति गौरव चोपड़ा करेंगी। क्षेत्र में सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य से स्थानीय रहवासियों को सड़क एवं जल निकासी से जुड़ी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।
कार्यक्रम के आयोजक एवं वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद श्री राकेश किलोरिया ने क्षेत्रवासियों से भूमि पूजन समारोह में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह किया है।
चाहें तो मैं इसे �“अजेय योद्धा” की फ्रंट-पेज शैली में दमदार हेडलाइन और सबहेडिंग के साथ भी तैयार कर सकता हूँ।
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नीमच। हिन्दू जागरण मंच नीमच नगर एवं कनावटी खंड द्वारा नगर में आयोजित होने वाले व्यावसायिक गरबों के विरोध में बघाना एवं नीमच कैंट थाने पर ज्ञापन दिया गया। मंच के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने व्यावसायिक स्वरूप में आयोजित किए जाने वाले गरबा आयोजनों को लेकर अपनी आपत्तियां पुलिस प्रशासन के समक्ष रखीं और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि गरबा भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे आयोजनों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा बनी रहनी चाहिए। मंच ने प्रशासन से मांग की कि गरबा आयोजनों में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा आयोजनों की आड़ में किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि न हो, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों या सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो।
ज्ञापन के दौरान दिलीप शर्मा, नीमच नगर संयोजक अजय बैरवा, कनावटी खंड संयोजक अर्जुन सिंह, विशाल आर्य, योगेश जोशी, दिलीप छाजेड़, पूर्व बजरंग दल संयोजक एवं योगेश मौर्य सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हिन्दू जागरण मंच ने प्रशासन से मामले में आवश्यक कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों की परंपरा, मर्यादा और सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
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नीमच। तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया ने दुनिया को हमारी हथेली पर ला दिया है। सूचना, शिक्षा, मनोरंजन और संवाद के लिए सोशल मीडिया आज जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। लेकिन इसी डिजिटल दुनिया का एक दूसरा पहलू भी तेजी से सामने आ रहा है—अनैतिक, अश्लील, आपत्तिजनक और सामाजिक मूल्यों को प्रभावित करने वाला कंटेंट।
आज मोबाइल की स्क्रीन पर क्या दिखाई देगा, यह हमेशा उपयोगकर्ता के हाथ में नहीं होता। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम लगातार ऐसा कंटेंट सामने लाते हैं, जिस पर अधिक लोग रुकें, देखें और प्रतिक्रिया दें। ऐसे में सनसनी, अश्लीलता, हिंसा और विवाद पैदा करने वाली सामग्री को भी व्यापक पहुंच मिल जाती है।
सवाल यह है कि क्या डिजिटल विकास की दौड़ में हम अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी पीछे छोड़ रहे हैं?
संस्कृति केवल किताबों और संग्रहालयों में नहीं
भारत की सांस्कृतिक विरासत हजारों वर्षों की परंपरा, परिवार व्यवस्था, लोक संस्कृति, भाषा, कला, साहित्य, अध्यात्म और सामाजिक मूल्यों से निर्मित हुई है। हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत यह रही है कि एक पीढ़ी अपने संस्कार अगली पीढ़ी तक पहुंचाती रही है।
लेकिन डिजिटल युग में बच्चों और युवाओं के सामने संस्कारों के साथ-साथ ऐसी सामग्री भी पहुंच रही है, जो कई बार उम्र, सामाजिक मर्यादा और पारिवारिक मूल्यों के अनुरूप नहीं होती। यहां सवाल किसी एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या किसी एक व्यक्ति का नहीं है। सवाल है—डिजिटल समाज किस दिशा में जा रहा है?
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी
सोशल मीडिया ने आम नागरिक को अपनी बात रखने का अभूतपूर्व मंच दिया है। यह लोकतांत्रिक संवाद के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी एक-दूसरे से अलग नहीं हो सकतीं।
किसी भी स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं हो सकता कि ऐसा कंटेंट बेरोकटोक फैलाया जाए जो बच्चों को अनुचित सामग्री तक पहुंचाए, महिलाओं का वस्तुकरण करे, सामाजिक मर्यादाओं को कमजोर करे या युवाओं के मन पर नकारात्मक प्रभाव डाले। डिजिटल आजादी के साथ डिजिटल अनुशासन भी उतना ही आवश्यक है।
सबसे बड़ी चिंता—बच्चों तक पहुंचता कंटेंट
इस पूरे विषय का सबसे संवेदनशील पक्ष बच्चे और किशोर हैं। कम उम्र में इंटरनेट और सोशल मीडिया तक आसान पहुंच ने अभिभावकों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
बच्चों को केवल मोबाइल से दूर रखने का समाधान पर्याप्त नहीं है। उन्हें डिजिटल साक्षरता, सही-गलत कंटेंट की पहचान और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग की शिक्षा देना भी जरूरी है। स्कूल, परिवार, समाज, सोशल मीडिया कंपनियां और सरकार—सभी की भूमिका यहां महत्वपूर्ण हो जाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण?
देश में डिजिटल इंडिया का विस्तार तेजी से हुआ है। ऐसे समय में केंद्र सरकार के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती यह भी है कि डिजिटल विकास के साथ सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल वातावरण कैसे तैयार किया जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार यदि इस दिशा में व्यापक राष्ट्रीय पहल करती है तो इसमें कई स्तर शामिल किए जा सकते हैं—
- बच्चों और किशोरों के लिए मजबूत ऑनलाइन सुरक्षा व्यवस्था
- उम्र के अनुरूप कंटेंट नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था
- आपत्तिजनक एवं गैरकानूनी सामग्री पर त्वरित कार्रवाई
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही
- अभिभावकों के लिए डिजिटल जागरूकता अभियान
- स्कूलों में डिजिटल नागरिकता और साइबर जागरूकता की शिक्षा
- भारतीय भाषाओं, लोक संस्कृति और सकारात्मक सांस्कृतिक सामग्री को प्रोत्साहन
यह पहल केवल नियंत्रण की नहीं, बल्कि डिजिटल संस्कृति के निर्माण की होनी चाहिए।
सवाल सोशल मीडिया से नहीं, उसके इस्तेमाल से है
यह भी समझना जरूरी है कि सोशल मीडिया स्वयं समस्या नहीं है। इसी माध्यम से देश की संस्कृति, लोक कला, साहित्य, योग, भारतीय भाषाओं, इतिहास और परंपराओं को दुनिया तक पहुंचाया जा सकता है।
आज जरूरत है कि सोशल मीडिया पर ऐसा सकारात्मक कंटेंट भी बड़े पैमाने पर सामने आए, जो युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़े।
जिस प्लेटफॉर्म पर गलत कंटेंट तेजी से वायरल हो सकता है, उसी प्लेटफॉर्म को भारतीय संस्कृति और सकारात्मक विचारों की आवाज भी बनाया जा सकता है।
“अजेय योद्धा” का सवाल
आज सवाल यह नहीं कि तकनीक को रोका जाए। सवाल यह है कि तकनीक का इस्तेमाल किस दिशा में हो?
क्या डिजिटल क्रांति हमारी आने वाली पीढ़ी को ज्ञान, संस्कार और रचनात्मकता देगी या फिर व्यूज और वायरल होने की दौड़ में सामाजिक मर्यादाएं पीछे छूट जाएंगी?
क्या सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी केवल उपयोगकर्ता बढ़ाना और विज्ञापन से कमाई करना है, या समाज पर पड़ने वाले प्रभाव की जिम्मेदारी भी उनकी होनी चाहिए?
और सबसे बड़ा सवाल—
जब देश डिजिटल शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब क्या हमारी सांस्कृतिक शक्ति की रक्षा के लिए भी उतनी ही गंभीर राष्ट्रीय रणनीति तैयार नहीं होनी चाहिए?
भारत की संस्कृति केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की पहचान है। इसलिए डिजिटल युग में संस्कृति की रक्षा का अर्थ तकनीक का विरोध करना नहीं, बल्कि तकनीक को भारतीय सामाजिक मूल्यों के अनुरूप जिम्मेदार बनाना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के सामने यह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विमर्श का विषय हो सकता है। आवश्यकता ऐसी व्यवस्था की है, जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी सुरक्षित रहे, बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो और भारत की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत बनी रहे।
क्योंकि संस्कृति कमजोर होगी तो केवल परंपराएं नहीं बदलेंगी—आने वाली पीढ़ियों की पहचान भी प्रभावित होगी।
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नीमच। नगर पालिका परिषद नीमच की अध्यक्ष श्रीमती स्वाति गौरव चोपड़ा सोमवार 21 सितंबर को सादड़ी रोड बघाना स्थित मुक्तिधाम पर पहुंची और वहां नगर पालिका द्वारा ₹9 लाख की लागत से निर्मित करवाए गए अंतिम संस्कार में उपयोग आने वाली लकड़ी एकत्रित करने के हाल का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर पालिका के सभापति श्री नीरज अहीर व पार्षद प्रतिनिधि श्री रामलाल ग्वाला भी उनके साथ थे।निरिक्षण के दौरान मुक्तिधाम समिति के सदस्यों द्वारा मुक्तिधाम पर अन्य कार्य कराए जाने संबंधी आवेदन भी दिया जिस पर श्रीमती चोपड़ा ने मुक्तिधाम में प्रीकास्ट बाउंड्री वॉल, सीसी रोड,पैवर ब्लॉक व शौचालय सहित अन्य कार्य के लिए उपस्थित इंजीनियर व कर्मचारियों को स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए।
मुक्तिधाम पर पहुंचते ही मुक्तिधाम समिति के सदस्यों ने नपाध्यक्ष श्रीमती चोपड़ा का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया व उन्हें मुक्तिधाम का निरीक्षण करवाते हुए सीसी रोड, पैवर ब्लॉक,प्रीकास्ट बाउंड्री वॉल व शौचालय की समस्या से अवगत कराया। श्रीमती चोपड़ा ने उन्हें अन्य विकास कार्य कराए जाने का आश्वासन देते हुए मौके पर ही अधिकारियों को एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए।
श्रीमती चोपड़ा ने कहां की मुक्तिधाम संवेदना वाला स्थान है और यहां अंतिम संस्कार मे आने वाले व्यक्तियों के लिए सड़क, शौचालय व मुक्तिधाम की सुरक्षा हेतु बाउंड्री वॉल जैसे कार्य होना आवश्यक है. यहां अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियों का स्टॉक रखने की समस्या थी और उसके लिए नगर पालिका ने ₹9 लाख की लकड़ी हाल का निर्माण कराया है और शेष कार्य भी अतिशीघ्र करवाए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका की उपयंत्री श्रीमती अनु सोलंकी, श्री अर्जुन राठौर तथा मुक्तिधाम समिति के श्री विमल गर्ग,श्री मंगलेश गर्ग,श्री नरेंद्र मंगल, श्री मनोज शर्मा, श्री मनोज खंडेलवाल,श्री चिंटू परवानी,श्री सुभाष बिंदल, श्री कालू लोधा व अन्य गणमान्य नागरीक उपस्थित थे।
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विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने तथा विद्यार्थियों में सेवा, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीआरपीएफ, नीमच में विद्यालय स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई।
भाषण प्रतियोगिता में पूर्वान्शी राजोरा प्रथम, परी द्वितीय एवं वैष्णवी जैन तृतीय रहीं। चित्रकला प्रतियोगिता में दिशा प्रथम, कृति द्वितीय एवं आयशा तृतीय रहीं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नगर पालिका नीमच के पूर्व अध्यक्ष श्री राकेश पप्पू जैन, सांसद प्रतिनिधि श्री आदित्य मालू एवं एसएमसी अध्यक्ष श्री योगेश राजोरा उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों को सामाजिक सहभागिता एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य श्री ज्ञानवर्धन श्रीवास्तव ने किया। संचालन श्रीमती वर्षा गोयल ने किया। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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प्रशासक वन स्टॉप सेंटर नीमच श्रीमती दीपिका नामदेव के मार्गदर्शन में सोमवार को आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-40, बगीचा नंबर-07 में महिला एवं बालिका जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर ‘सखी’ द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन 112, महिला एवं बाल सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य तथा बाल विवाह की रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न अथवा संकट की स्थिति में उपलब्ध सहायता एवं संबंधित हेल्पलाइन का उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया। बालिकाओं को भी अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती एकता प्रेमी, वन स्टॉप सेंटर की सेंटर एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमती चंदा साल्वी, केसवर्कर सुश्री पूजा मिश्रा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका सहित बालिकाएं और महिलाएं उपस्थित रहीं।
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मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत आमजन की समस्याओं के निराकरण, शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सुगमता से पहुंचाने तथा प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से जिले में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 24 सितंबर 2026 को नगर परिषद जीरन में शिविर आयोजित किया जाएगा।
शिविर में नगर परिषद जीरन के साथ ग्राम पंचायत अमावली जागीर, बमोरा, चीताखेडा, धामनिया, घसुण्डी जागीर, हरनावदा, कराडिया महाराज, महुडिया, राबडियाएवं सोनियाना के नागरिक शामिल होंगे। संबंधित क्षेत्रों के नागरिक अपनी समस्याओं, शिकायतों एवं शासकीय योजनाओं से जुड़े प्रकरण शिविर में प्रस्तुत कर सकेंगे।
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा , पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास,जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव सहित जिले के समस्त जिला स्तरीय एवं खंड स्तरीय अधिकारी शिविर में उपस्थित रहेंगे। अधिकारियों द्वारा आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी तथा संबंधित विभागों के माध्यम से प्रकरणों के निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की है कि वे 24 सितंबर को नगर परिषद जीरन में आयोजित शिविर में उपस्थित होकर अपनी समस्याएं एवं आवेदन प्रस्तुत करें तथा मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का लाभ उठाएं।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नीमच प्रवास के दौरान अग्रोहा भवन में सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत अभिनंदन कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं, विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा और स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली तथा नवाचारों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम गांधी सागर समूह जल प्रदाय योजना-2 का अवलोकन कर योजना की प्रगति की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रदान की गई स्कूटियों का अवलोकन किया और विद्यार्थियों की सराहना की।
उन्होंने सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई चित्रकला एवं चित्रों की प्रदर्शनी देखी। बच्चों की रचनात्मकता और सुंदर चित्रों की मुख्यमंत्री ने प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम से संबंधित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर को किलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 50 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे।
इसके बाद उन्होंने पुलिस विभाग की ‘जीवन संजीवनी अभियान’, ‘नशे से दूरी है जरूरी’ एवं साइबर अपराध जागरूकता संबंधी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति और साइबर अपराधों से बचाव के लिए किए जा रहे जन-जागरूकता प्रयासों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने बंबू फार्म द्वारा बाँस से तैयार किए जा रहे ब्रश, कंघी, बाँसुरी सहित अन्य उत्पादों की सराहना की। साथ ही जैविक कृषक श्री भागीरथ नागदा द्वारा जैविक पद्धति से तैयार किए जा रहे उत्पादों की भी जानकारी ली और उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर विधायक नीमच श्री दिलीप सिंह परिहार,विधायक मनासा अनिरुद्ध माधव मारू,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सज्जन सिंह चौहान,आयुक्त उज्जैन संभाग आशीष सिंह,नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा,कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा,पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास,वंदना खंडेलवाल सहित जनप्रतिनिधि,अधिकारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को गांधी सागर अभयारण्य में मादा चीता सीसीबी-2 को वन क्षेत्र में विमुक्त किया। राधाष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मादा चीता का नामकरण ‘राधा’ किया और प्रदेशवासियों को इस अवसर पर बधाई दी। मादा चीता के गांधी सागर पहुंचने के साथ ही अभयारण्य में चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। यहां अब दो नर चीते प्रभाष और पावक तथा दो मादा चीते धीरा और राधा मौजूद हैं।
चीता पुनर्स्थापना परियोजना के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में गरोठ विधायक श्री चंदर सिंह सिसोदिया, मनासा विधायक श्री अनिरुद्ध माधव मारू, प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश शासन श्री राघवेंद्र सिंह,प्रधान मुख्य वन संरक्षक(वाइल्डलाइफ) श्रीमती समिता राजोरा, सहित वन विभाग के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रोजेक्ट चीता के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता निरंतर आगे बढ़ रहा है। चीतों की बढ़ती संख्या वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता और वन विभाग के सतत प्रयासों को दर्शाती है। मध्यप्रदेश वन्यजीव विविधता से समृद्ध प्रदेश है और टाइगर स्टेट के रूप में अपनी पहचान के साथ वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि गांधी सागर अभयारण्य में चीतों की उपस्थिति से इस क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। चीता संरक्षण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी विकसित होंगी।
गांधी सागर में चीता संरक्षण का दायरा बढ़ा
मादा चीता राधा को गांधी सागर अभयारण्य में बसाया जाना कूनो के बाद मध्यप्रदेश में चीता संरक्षण के दूसरे प्रमुख आवास के रूप में गांधी सागर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गांधी सागर में चीतों के स्वास्थ्य, व्यवहार और नए वातावरण में उनके अनुकूलन की वन विभाग की टीम द्वारा लगातार निगरानी की जाएगी।
नई मादा चीता के आने से गांधी सागर में चीता संरक्षण एवं भविष्य में प्रजनन की संभावनाओं को भी बल मिलेगा। गांधी सागर को प्रोजेक्ट चीता के विस्तार के लिए विकसित किए जा रहे प्रमुख आवासों में शामिल किया जा रहा है।
‘सेकंड होम ऑफ चीता’ बुकलेट का विमोचन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन विभाग द्वारा प्रकाशित “सेकंड होम ऑफ चीता- गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी” बुकलेट का विमोचन भी किया। बुकलेट में गांधी सागर अभयारण्य में चीता संरक्षण, उनके अनुकूलन और क्षेत्र में विकसित की जा रही व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी संकलित की गई है।
मादा चीता राधा के गांधी सागर में आगमन के साथ अभयारण्य में दो नर और दो मादा सहित कुल चार चीते हो गए हैं, जो मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं छात्रावासों में ‘मेरे सपनों का भारत’ थीम पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
विद्यालय स्तर पर प्रतियोगिताएं 19 सितंबर को आयोजित हुईं, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने विचारों और कल्पनाओं को चित्रों एवं भाषण के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वच्छ, शिक्षित, आत्मनिर्भर, विकसित एवं समृद्ध भारत की परिकल्पना को रंगों के माध्यम से जीवंत रूप दिया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने सपनों के भारत की विशेषताओं, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका तथा शिक्षा, पर्यावरण, विज्ञान, तकनीक और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक अभिव्यक्ति, देश के प्रति जिम्मेदारी, राष्ट्र निर्माण की भावना एवं सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना है। विद्यार्थियों की सहभागिता से विद्यालयों में उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण बना।
विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी 21 सितंबर को आयोजित की जाएगी। विद्यालय स्तर पर चयनित प्रतिभागियों के चित्रों की प्रदर्शनी 26 सितंबर को जिला स्तर पर आयोजित होगी। इस अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ उत्कृष्ट कृतियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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70वीं राज्यस्तरीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में नीमच जिले के खिलाड़ी अंशुल नागदा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 98 किलोग्राम जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक अर्जित किया। प्रतियोगिता का आयोजन 7 से 11 सितंबर 2026 तक सीहोर के खेल परिसर में किया गया था।
प्रतियोगिता में नीमच जिले के चार खिलाड़ियों ने सहभागिता की। इनमें शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय , नीमच में अध्ययनरत ग्राम कोटड़ी ईस्तमुरार निवासी अंशुल, पिता श्री देवीलाल नागदा ने 98 किलोग्राम जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया।
स्वर्ण पदक जीतकर अंशुल ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करने की पात्रता हासिल की है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता इंफाल (मणिपुर) में आयोजित होगी।
अंशुल की इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्र एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती ऐश्वर्या मुंद्रा ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। अंशुल के प्रशिक्षक श्री वेंकटेश जाट, पीटीआई, शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटड़ी ईस्तमुरार ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।
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नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन मध्यप्रदेश के निर्देश तथा कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में जिले में होटल, रेस्टोरेंट एवं रिसॉर्ट के सघन निरीक्षण का अभियान जारी है। अभियान के तहत 17 एवं 18 सितंबर को खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
जैनी फूड पर कार्रवाई
18 सितंबर को एलआईसी रोड, आईडीबीआई बैंक के पास स्थित जैनी फूड का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यहां पिज्जा, बर्गर, सैंडविच, मंचूरियन, पावभाजी, फ्रेंच फ्राइज एवं ब्रेड आदि खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण एवं विक्रय पाया गया। निरीक्षण के दौरान बिना निर्माण/पैकिंग तिथि अंकित एवं एक्सपायरी हो चुके 500 ग्राम के पाव के 9 पैकेट तथा 250 ग्राम के बर्गर के 23 पैकेट, कुल 32 पैकेट, विक्रय हेतु भंडारित पाए गए। इनमें कुछ पैकेट चूहों द्वारा क्षतिग्रस्त किए हुए भी पाए गए। खाद्य सुरक्षा टीम के निर्देश पर खाद्य कारोबारकर्ता द्वारा इन खाद्य पदार्थों का मौके पर ही जनस्वास्थ्य हित में विनष्टीकरण कराया गया। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
लेबल संबंधी अनियमितता पर भी कार्रवाई
जैनी फूड में विक्रय हेतु रखे मधुवन बेकरी के पिज्जा एवं जंबो ब्रेड तथा कालिका बेकरी की ब्रेड के पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर, नेट वेट, न्यूट्रिशनल जानकारी, वेज-नॉनवेज सिम्बल, निर्माता का नाम एवं पता सहित आवश्यक लेबल संबंधी जानकारी अपूर्ण पाई गई। तीनों खाद्य पदार्थों के नमूने मानक स्तरों की जांच के लिए लिए गए हैं। नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। लेबल संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन पर नियमानुसार प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
द हॉलीफूड कैफे-इन रेस्ट्रो को नोटिस
अम्बेडकर रोड स्थित द हॉलीफूड कैफे-इन रेस्ट्रो के निरीक्षण में परिसर में आवश्यक साफ-सफाई का अभाव, दीवारों पर पुताई नहीं होना तथा खुले डस्टबिन पाए गए। कार्यरत कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र, पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड तथा पानी एवं निर्मित खाद्य पदार्थ की टेस्ट रिपोर्ट सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। कमियां पाए जाने पर संचालक श्री नकुल कुमार वर्मा को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत नोटिस जारी किया गया है।
माधवम कैफे एंड रेस्टोरेंट को नोटिस
माधवम कैफे एंड रेस्टोरेंट के निरीक्षण में किचन में आवश्यक साफ-सफाई का अभाव तथा जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं पाई गई। कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र एवं पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इस पर धारा 32 के तहत नोटिस जारी किया गया है।
राजभोज थाली एवं फैमिली रेस्टोरेंट पर भी कार्रवाई
राजभोज थाली एवं फैमिली रेस्टोरेंट के निरीक्षण में किचन में पर्याप्त साफ-सफाई नहीं पाई गई। किचन की दीवारों पर प्लास्टर उखड़ा हुआ तथा पुताई नहीं होना पाया गया। खाद्य निर्माण में प्रयुक्त पानी एवं निर्मित खाद्य पदार्थ की टेस्ट रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड तथा कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किए गए। अन्य कमियां पाए जाने पर संचालक श्री विक्रम शर्मा को धारा 32 के तहत नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित समय-सीमा में कमियां दूर नहीं करने पर लाइसेंस/पंजीयन निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। जांच रिपोर्ट में अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिले में होटल, रेस्टोरेंट एवं रिसॉर्ट के निरीक्षण तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी कार्रवाई सतत जारी रहेगी।
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